2024 में रूसी लॉजिस्टिक्स क्षेत्र ने बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नई तकनीक पर ध्यान देते हुए तेज़ विकास जारी रखा। नई सड़कें, बंदरगाह, परिवहन हब और भारत, चीन तथा कज़ाखस्तान के साथ साझेदारी प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं।



बुनियादी ढाँचे का विकास


नई सड़कें और परिवहन गलियारे


वर्ष की बड़ी परियोजनाओं में मॉस्को और कज़ान को जोड़ने वाले 800 किमी से अधिक लंबे एम-12 राजमार्ग का पूरा होना था। इससे यात्रा समय घटा और वोल्गा तथा उराल क्षेत्रों की पहुँच सुधरी। कज़ान से येकातेरिनबुर्ग तक दूसरा चरण भी शुरू हुआ, जो यूरोप–पश्चिमी चीन अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे का हिस्सा होगा।


पूर्वी रेलवे नेटवर्क की बैकाल–अमूर मुख्य लाइन और ट्रांस-साइबेरियन रेलवे का आधुनिकीकरण पूरा हुआ। इन मार्गों पर कोयला और कंटेनर परिवहन 2023 से 25% बढ़ा, जिससे पश्चिमी मार्गों का दबाव घटा।


बंदरगाह और परिवहन हब

सितंबर 2024 में तामान में नया गहरे पानी का बंदरगाह शुरू हुआ, जिसकी सालाना क्षमता 1.5 करोड़ टन तक है। यह एशिया, अफ़्रीका और मध्य पूर्व को अनाज और कोयला निर्यात का केंद्र बना। बाल्टिक क्षेत्र में व्यसोत्त्स्क और लुगापोर्ट के विस्तार से अनाज तथा खनिज उर्वरक सँभालने की क्षमता बढ़ी।

नोवोसिबिर्स्क क्षेत्र में सिबिर्स्की मल्टीमोडल परिवहन-लॉजिस्टिक्स केंद्र बना। साल में दस लाख कंटेनर तक की क्षमता से साइबेरिया और रूसी सुदूर पूर्व में माल परिवहन की दक्षता बढ़ी।



अंतरराष्ट्रीय सहयोग


रूस और भारत

2024 में रूस और भारत ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर–दक्षिण परिवहन गलियारे में सहयोग बढ़ाया। माल की मात्रा 40% बढ़कर 1.5 करोड़ टन से अधिक हुई; मुख्य माल पेट्रोलियम उत्पाद, अनाज और औद्योगिक वस्तुएँ थे। ईरान के चाबहार में नया बंदरगाह भी बनना शुरू हुआ, जो रूस और भारत के बीच पारगमन केंद्र होगा।


रूस और चीन

चीन रूस की प्राथमिक साझेदारी बना रहा। 2024 में ब्लागोवेश्चेन्स्क और हेइहे के बीच नए रेल संपर्क से माल की मात्रा 30% बढ़ी। प्रिमोर्स्की क्षेत्र और हेइलोंगजियांग को जोड़ने के लिए उस्सूरी नदी पर पुल का निर्माण शुरू हुआ। व्यापार रिकॉर्ड 220 अरब डॉलर पहुँचा, जिसका बड़ा हिस्सा रेल और समुद्र से हुआ।


रूस और कज़ाखस्तान

रूस और कज़ाखस्तान ने यूरेशियाई आर्थिक संघ में परिवहन प्रणालियों का एकीकरण बढ़ाया। 2024 में ओरेनबुर्ग–अक्तोबे रेलवे के आधुनिकीकरण से क्षमता 20% बढ़ी। कज़ाखस्तान उत्तर–दक्षिण और यूरोप–चीन मार्गों पर रूस का प्रमुख पारगमन साझेदार बना।



लॉजिस्टिक्स में नई तकनीक

2024 में लॉजिस्टिक्स में तकनीक तेज़ी से अपनाई गई। एआई-नियंत्रित स्वायत्त ट्रक मॉस्को–सेंट पीटर्सबर्ग मार्ग पर कम देरी से माल पहुँचाने लगे। वर्ष के अंत तक देश की सड़कों पर ऐसे 50 से अधिक वाहन थे।

इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ और स्वचालित सीमा टर्मिनलों से माल का प्रसंस्करण तेज़ हुआ। आईओटी सेंसर से माल की स्थिति तत्काल देखी जा सकी, जो खराब होने वाले सामान के लिए विशेष महत्वपूर्ण है।



विकास की संभावनाएँ

चुनौतियों के बावजूद रूस लॉजिस्टिक्स क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा रहा है। यूरोप–पश्चिमी चीन गलियारा पूरा करने, प्रिमोर्स्की बंदरगाह सुधारने और आर्कटिक मार्ग विकसित करने की योजनाएँ हैं। इससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स में रूस की भूमिका और स्थिर आर्थिक विकास को बल मिलेगा।